आमिर खान के धमाकेदार डायलोग

डायलोग
पानी से प्यास नहीं बुझी तो मैखाने की तरफ चल निकलना....सोचा शिकायत करूं तेरी खुदा से...पर खुदा भी तेरा आशिक निकला
मस्कारर का खेल धोखे का खेल होता है....जिस में ऑडियंस को लगता है की जीत उनकी हो रही है...लेकिन जीतते हम है,हमेशा
आल इज वेल..आल इज वेल
ऐसा लगा खुदा ने रख दिया हमारे दिल पे हाथ...लिया नाम हमारे उन्होंने कुछ ऐसी अदा के साथ
एग्जाम तो बहुत होते है, बाप मोस्टली एक ही होता है
आप है गुल-इ गुलजार, मौसम-इ बहार....चेहरे पर है गुस्सा, दिल में प्यार...आ गले लग जा मेरे यार
लाइफ में तीन चीज़ों के पीछे कभी नहीं भागना चाहिए..बस,ट्रेन और छोकरी...एक गई दूसरी आती
भाभी होगी तेर्री और शादी होगी मेरी
कैसे सिग्न करों यार...मेरी पेन तो तु ले गई
हमरा गोला पर लोग झूठ नहीं बोलता है
किस हो नहिन पाती यार...क्यूँ की नाक बीच में आ जाती है
मोहे तो वोही छोरीपसंद आवेगी, जोह मोरी को पसंद आवेगी
और पढ़ें
भीलवाड़ा मौसम
28.63°Cसाफ़ रात 
