शाहपुरा क्षेत्र का प्रसिद्ध देवनारायण मेला आज।*

01 Feb 2020, 07:11

किशनवैष्णव

खामोर।किशन वैष्णव। गुर्जर समाज के आराध्य प्रसिद्ध देवनारायण मेला आज। शाहपुरा सहित क्षेत्र का प्रसिद्ध देवनारायण मेला बिलिया स्थित आनणा देवनारायण स्थल पर आयोजित होगा आज। मेले को लेकर भजन संध्या का आयोजन गत रात्रि किया गया एवं बगड़ावत गायक कलाकार कलाकारों की भी प्रस्तुति आयोजित हुई। एवं जादुई कलाकारों द्वारा जादू दिखाया गया और हास्य कलाकारों द्वारा हंसी के चुटकुले द्वारा लोगों को मनमोहित किए गए हैं। मेले को लेकर एक दिन पहले ही दुकानें खिलौनों एवं मिठाइयों की दुकानें लगा दी गई थी। एवं आज शनिवार को देवनारायण की जयंती पर महा आरती का आयोजन किया जाएगा एवं भक्तों की भारी भीड़ के साथ मेले का आयोजन होगा जिसमें डॉलर चकरी एवं कहीं तरह की मोहित करने वाली एवं को आकर्षित करने के लिए प्रदर्शनी लगाई जाएगी। देवनारायण जयंती को लेकर मेले के 1 दिन पहले से ही लोग दुकानों के लिए अपनी जगह रोकने लगे। और मंदिर को अलग-अलग आकर्षित रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया। लोगों के लिए पानी एवं लाइटों की व्यवस्था की गई।
देवनारयण का वंश एवं मूल स्थान।
देवनारायण बगड़ावत वंश के थे । वे नाग वंशीय गुर्जर थे जिनका मूल स्थान वर्तमान में अजमेर के निकट नाग पहाड़ था । गुर्जर जाति एक संगठित , सुसंस्कृत वीर जातियों में गिनी जाती है जिसका आदिकाल से गौरवशाली इतिहास रहा है । समाज में प्रचलित लोक कथाओं के माध्यम से गुर्जर जाति के शौर्य - पुरूष देवनारायण के सम्बन्ध में विस्तृत रूप से जानकारी मिलती है । देवनारायण महागाथा में इनको चौहान वंश से सम्बन्धित बताया है । देवनारायण की फड़ के अनुसार माण्डलजी के हीराराम , हीराराम के बाघसिंह और बाघसिंह के 24 पुत्र हुए जो बगड़ावत कहलाये । इन्हीं में से बड़े भाई सवाई भोज और माता साडू ( सेढू ) के पुत्र के रूप में वि . सं . 968 ( 911 ई . ) में माघ शुक्ला सप्तमी को आलौकिक पुरूष देवनारायण का जन्म मालासेरी में हुआ

लोकेश सोनी एडिटर

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