भागवत कथा का तीसरा दिन

शाहपुरा। (किशन वैष्णव)
खामोर ग्राम में श्री चारभुजा नाथ के संरक्षण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस में कथा व्यास आचार्य शिवप्रकाश तिवाड़ी ने सभी भगवत धर्म प्रेमियों को ध्रुव चरित्र ,प्रह्लाद चरित्र ,नर्सिंग अवतार कथा का रसपान कराया तथा कथा में कथा के मुख्य यजमान श्री सीताराम साहू ने भागवत पूजन व आरती की ओर प्रसाद वितरण किया गया ओर कथा व्यास शिव प्रकाश शास्त्री ने सभी भगवत प्रेमियों को धर्म के मार्गपर चलने का सुंदर उपदेश दिया।प्रवचनों को सुनने के प्रति जनता में अपूर्व उत्साह देखने को मिल रहा है। कथा व्यास शिव प्रकाश शास्त्री ने आव्हान करते हुए कहा कि सत्संग में वह शक्ति है, जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है। उन्होंने कहा कि व्यक्तियों को अपने जीवन में क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा, संग्रह आदि का त्यागकर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने चाहिए। कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य जीवन में जाने अनजाने प्रतिदिन कई पाप होते है। उनका ईश्वर के समक्ष प्रायश्चित करना ही एक मात्र मुक्ति पाने का उपाय है। उन्होंने ईश्वर आराधना के साथ अच्छे कर्म करने का आह्वान किया।कथा वाचक व्यास ने बताया किसी भी स्थान पर बिना निमंत्रण जाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जहां आप जा रहे है वहां आपका, अपने इष्ट या अपने गुरु का अपमान न हो। यदि ऐसा होने की आशंका हो तो उस स्थान पर जाना नहीं चाहिए। चाहे वह स्थान अपने जन्म दाता पिता का ही घर क्यों ना हो।
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